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Saturday, June 24, 2017

क्या पता है तुम्हे?


आज कल कुछ हुआ सा जा रहा है,
मेरे दिल में क्या पता है तुम्हें|
मुझे सुनाई देती हैं बातें तेरी,
क्या पता है तुम्हें||

कभी तो दिन में भी,
देखता हूँ सपने तेरे|
इन खुली आँखों,
क्या पता है तुम्हें||

खोजती है आँखें मेरी,
सुबहो-शाम, हरपल तुम्हें|
तड़पता है ये मिलने को तुमको,
क्या पता है तुम्हें||

चंद लफ्जो को गर,
ना सुनु तो बैचेन हो जाता हूँ|
तेरे शब्दों को सुनकर मिलती है राहत,
क्या पता है तुम्हें||

बस एक ही ख़्वाहिश है मेरी,
जब तक जिन्दा हूँ तेरा दीदार होता रहे|
और मरकर भी याद रहे तुझको,
क्या पता है तुम्हें||

#meremankee