मेरा परिचय

मेरा नाम ऋषभ शुक्ला है. आप सभी का स्वागत है मेरे साथ इस कहानियों और कविताओं के सफर में जहाँ आप पढ़ सकेंगे मेरे कुछ विचार, मेरे जीवन की कुछ घटनाएँ, और कुछ मुद्दे जो शायद हमें सोचने पर मजबूर करदे. मै अपने इस साहित्यिक सफर में ब्लॉग के माध्यम से आप सभी को मेरी सोच और दॄष्टिकोण से अवगत कराऊंगा, और आप सभी से उचित मार्गदर्श की अपेक्षा रखता हूँ.मेरे मन में जो भी भावनायें आती है या जो भी मै महसूस करता हूँ, मै अपने विचारो से सबको अवगत कराने का प्रयत्न करता हूँ, मै ऐसा नहीं कह रहा हूँ के मै लेखक या कवि हूँ, बस जो सोचा लिख दिया. अगर आप सभी को मेरा प्रयत्न अच्छा लगा तो थोड़ी खुशी मिलती है. 

हम कविता तो जानते ही नहीं सिर्फ लिख लेते है,

लेकिन कोशिस रोज करते है।
ये दोहा और छंद क्या होता है,
समझने की कोशिस किया करते है।।
लोग कहते है की तुम प्यार करना क्या जानो, प्यार तो हम जैसे ही करते है !
लेकिन उन्हें ये नहीं मालुम की प्यार तो शायर भी करते है !!
तुम अपनी मासुका और प्रेमिका से प्यार करते हो !
और हम तो कलम,कागज और लेखनी से प्यार करते है !!

ऋषभ शुक्ला


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