पार्टी मे जाने के नियम

जी हाँ, ठीक सुना आपने पार्टीयो मे जाने के भी कुछ निम है,
अगर ना गये नियम से तो भगाये जाओगे|
अगर ना भगाये गये तो कुछ गम नही है,
अगली बार ना बुलाये जाओगे ||

अब मै अपने साथ हुये एक वाकये को सुनाता हू,
मै पहली बार एक पार्टी मे गया,
मुझे रसगुल्ले बहुत पसन्द थे,
मैने अपनी प्लेट मे दस-बारह रस्गुल्ले रख लिये |
तो एक महाशय जो काफी देर से मुझे घुरे जा रहे थे,
पास आये और बोले खुद खाओगे या है घर के लिये  ||

मै गुस्से से आग-बबूला हो गया,
और मैने कहा कि मै शर्म के मारे कम ही खाया |
उन्होने फिर कहा आप क्यो शर्मा रहे है,
शर्माना तो उसे चाहिये जिसने आपको बनाया ||

उस दिन तो जैसे पार्टी खत्म हुई..................
अगले ही दिन मेरे घर एक महाशय आये ||
और फरमाये.......
कृपा करके मेरा निमन्त्रण पत्र दिजियेगा ,
और मेरे घर ना आने कि कृपा किजियेगा ||

मैने इसका कारण पुछा तो उन्होने बतलाया,
मैने जब आपको पार्टी मे खाते हुये देखा तो खुद को कोसा |
मैने जिज्ञासा वश इसका कारण पुछा तो उन्होने साफ लहजे मे बतलाया,
आप नाश्ते मे खा गये दस इडली, बारह रस्गुल्ले और पाच डोसा ||

और मै उस सदमे से ना उबर पाया !
और आपको खाना खिलाने मे असमर्थ पाया |
हमे छमा किजियेगा,
निराश मत होइयेगा ||

अगर फिर कोइ निमन्त्रण पत्र आये तो,
आप मत जाईयेगा |
अब मै आप लोगो को पार्टी मे जाने के कुछ नियम बतलाता हू,
ध्यान से सुनियेगा और अमल मे लाइयेगा ||

और अगर इनमे से एक भी बात गये भूल,
तो फिर बाद मे पछताईयेगा |
पार्टी मे जाने के लिये आमंत्रण पत्र नही,
अच्छे कपङे है जरूरी |

और वहा जाकर ,
खाना खाने कि ईच्छा भी हो पुरी |
पार्टी मे जाईये जरूर,
परन्तु अपने बच्चो को साथ ना ले जाये ||

क्योकी कहि ऐसा न ही की,
मेजबान द्वारा दरवाजे से ही भगाये जाये |
आप खाना भी बहूत कम खाना,
दो रोटी, थोङी सब्जी और अचार ||

अगर इससे ज्यादा खाया तो लोग आपको कहेंगे,
खब्बू  और गवार जो आपको लगेगा नगवार |
मै आपसे अनुरोध करता हू कि,
किसी पार्टी मे ज्यादा मत खाना ||

अगर खाना ही हो तो घर पर हि खाईयेगा,
पुराना दो दर्जन बनाना ||

@ऋषभ शुक्ला

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