एक प्रार्थना यमराज से

एक दिन एक आदमी नरक पहुचा,
और यमराज को ढुढा गली और कुचा |
और काफी देर बाद उन्हे दिखा यमराज का घर,
जहा थे कुछ भैसे तथा यमदुत सो रहे बेखबर ||

मैने जाकर उन्हे नीद से जागाया.
उनसे पुछा यमराज कहा है,
उन्होने बताया कि वो वर्ल्ड टूर पर गये है |
फिर उन्होने कहा तुम यहा क्यो आये हो,
घर से भागे या भगाये गये हो ||

पत्नी का मारा, किस्मत से बेसहारा, बेचारा,
मै छोङ आया हू वो जग सारा |
अब तो मै नही जिना चाहता इसिलिये यहां आया,
तो यमदुत ने पुछा क्या तुमने लायसेन्स है पास करवाया !

चित्रगुप्त ने देखा उसका लेखा जोखा और बतलाया.................
अगले जन्म मे तुमने किये थे कुछ निच कर्म,
और तुम्हारे नरक मे आने का नही हुआ है अभी टर्म |
तब वह हठ करके वही बैठ गया और बोला,
जब तक नही आते यम मै बैठुंगा यही अकेला ||

तब चित्रगुप्त ने यम को मिसकाल किया,
तब जवब मिला रोमिंग मे हूँ मिया |
अंत मे यम ने लौटने का फैसला किया,
और अगली ही फ्लाईट यमलोक के लिये लिया ||

यमराज आये और उस व्यक्ति को बुलाये,
और कहा अपनी समस्या बताये |
मुझे अपनी पत्नी से  बचने का कोई उपाय बताये,
नही तो मुझे या उसे अपने पास बुलायें ||

इस शंकट का हल तो मुझे भी नही पता है,
तुमने शादी कि ये तुम्हारी सबसे बङी खता है |
अगर मुझे इस समस्या का हल पता होता,
तो मेरी भी एक बीबी और दो बच्चा होता ||

@ऋषभ शुक्ला
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